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Friday, 10 February 2017

उजड़ी हुयी दुनिया को

उजड़ी हुयी दुनिया को 
प्यार की महफ़िल समझ बैठे 
डूबी हुयी कश्ती को 
प्यार की मंजिल समझ बैठे 
कितने नादां हैं , ये दुनिया के लोग भी 
जो टूटे हुए दिल को भी  
ज़ख्मों का समन्दर समझ बैठे .......  

सालिहा मंसूरी 

12.01.16  09:15 pm

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