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Thursday, 10 August 2017

किसी की याद दिल से

किसी की याद दिल से
यूँ जुदा नहीं होती
साँस रुक जाये लेकिन
तन्हाई फ़ना नहीं होती
उम्र भर चलती है हर सफ़र में
किसी साये की तरह साथ – साथ 

- सालिहा मंसूरी

  22.02.16 

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